PMAY Urban 2.0 – 1 करोड़ परिवारों को मिलेगा पक्का घर और 1.80 लाख की सब्सिडी

आज भी देश में लाखों परिवार ऐसे हैं जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है। किराए के घर में रहना या कच्चे मकान में जीवन बिताना उनकी मजबूरी बन गई है। ऐसे परिवारों के सपनों को पूरा करने के लिए सरकार ने PMAY Urban 2.0 योजना शुरू की है।

यह योजना खासतौर पर शहरी इलाकों में रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बनाई गई है। इसके तहत आपको अपना घर खरीदने या बनाने के लिए होम लोन पर 1.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। यानी आपकी EMI का बोझ काफी कम हो जाएगा।

PMAY Urban 2.0 क्या है और कब शुरू हुई

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 एक सरकारी योजना है जो 1 सितंबर 2024 से शुरू हो चुकी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी इलाकों में रहने वाले 1 करोड़ पात्र परिवारों को पक्का मकान दिलाना है।

PMAY Urban 2.0 क्या है और कब शुरू हुई

यह योजना अगले 5 सालों तक चलेगी यानी 2029 तक इसका फायदा उठाया जा सकता है। पहली बार PMAY योजना 2015 में शुरू हुई थी और अब इसका नया वर्जन यानी 2.0 आ चुका है जो पहले से ज्यादा बेहतर है।

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इस योजना के तहत गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को घर खरीदने बनाने या दोबारा खरीदने पर ब्याज सब्सिडी दी जाती है। इससे होम लोन का बोझ कम हो जाता है और लोग आसानी से अपना घर बना पाते हैं।

योजना की खास बातें

PMAY Urban 2.0 में सबसे खास बात है कि इसमें महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। घर का मालिकाना हक महिला के नाम पर या पति-पत्नी दोनों के नाम पर होना चाहिए। इससे महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिलती है।

योजना में तीन तरह के वर्ग शामिल हैं। पहला है आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये तक है। दूसरा है निम्न आय वर्ग यानी LIG जिनकी आय 3 से 6 लाख रुपये के बीच है। तीसरा है मध्यम आय वर्ग यानी MIG जिनकी आय 6 से 9 लाख रुपये सालाना है।

Interest Subsidy Scheme यानी ब्याज सब्सिडी योजना कैसे काम करती है

PMAY Urban 2.0 का सबसे बड़ा फायदा है ब्याज सब्सिडी। इस योजना के तहत आपको होम लोन पर 4% की ब्याज सब्सिडी मिलती है। यह सब्सिडी लोन के पहले 8 लाख रुपये पर लागू होती है।

सब्सिडी की गणना कैसे होती है

मान लीजिए राजेश ने 20 लाख रुपये का होम लोन लिया है 8% ब्याज दर पर 20 साल के लिए। अब उसे 4% की सब्सिडी मिलेगी लेकिन सिर्फ पहले 8 लाख रुपये पर। इसका मतलब है कि 8 लाख रुपये पर उसकी ब्याज दर 8% की जगह सिर्फ 4% हो जाएगी।

इस तरह 12 साल की अवधि में राजेश को कुल 1.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। यह रकम सीधे उसके लोन अकाउंट में डाल दी जाती है जिससे उसकी बकाया राशि कम हो जाती है।

सब्सिडी कैसे मिलती है

अगर सब्सिडी मिलने के समय आपका लोन एक्टिव है और 50% से ज्यादा रकम बाकी है तो सब्सिडी 5 सालों में बांटकर दी जाएगी। हर साल एक किस्त आपके लोन खाते में आएगी। इससे हर साल आपकी बकाया राशि घटती रहेगी और ब्याज का बोझ भी कम होता रहेगा।

अगर लोन की बकाया राशि 50% से कम है तो पूरी सब्सिडी एक साथ मिल जाती है। यह पैसा बैंक सीधे आपके लोन खाते में ट्रांसफर कर देता है।

PMAY Urban 2.0 के लिए पात्रता शर्तें

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं। सबसे पहली शर्त है आय से जुड़ी।

आय के आधार पर पात्रता

अगर आपकी सालाना पारिवारिक आय 3 लाख रुपये तक है तो आप EWS कैटेगरी में आते हैं। अगर आय 3 से 6 लाख रुपये के बीच है तो आप LIG कैटेगरी में हैं। और अगर 6 से 9 लाख रुपये के बीच है तो MIG कैटेगरी में गिने जाएंगे।

यहां पारिवारिक आय का मतलब है घर के सभी कमाने वाले सदस्यों की कुल आय। पति-पत्नी और अविवाहित बच्चों की आय जोड़कर कुल आय निकाली जाती है।

मकान से जुड़ी शर्तें

आपके या आपके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। अगर पहले से घर है तो आप इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

मकान का कारपेट एरिया यानी अंदर का इस्तेमाल होने वाला क्षेत्र 120 वर्ग मीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मकान की कीमत 35 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। और आप जितना लोन ले रहे हैं वह 25 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

महिला स्वामित्व की अनिवार्यता

यह योजना महिलाओं को प्राथमिकता देती है। घर का मालिकाना हक महिला के नाम पर होना जरूरी है। या फिर पति और पत्नी दोनों के नाम पर संयुक्त रूप से हो सकता है।

अगर परिवार में कोई वयस्क महिला नहीं है तभी मर्द के नाम पर घर हो सकता है। अगर आवेदक विधुर है अविवाहित है या अलग रह रहा है या ट्रांसजेंडर है तो घर उनके नाम पर हो सकता है।

PMAY Urban 2.0 के तहत मिलने वाले लाभ

इस योजना के तहत कई तरह के फायदे मिलते हैं जो आम आदमी के लिए बहुत मददगार हैं।

ब्याज सब्सिडी का फायदा

सबसे बड़ा फायदा है 1.80 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी। यह रकम सीधे आपके होम लोन से घटा दी जाती है। इससे आपकी मासिक किस्त भी कम हो जाती है और कुल ब्याज भी कम देना पड़ता है।

मान लीजिए आपने 20 लाख रुपये का लोन लिया है 8% ब्याज पर 20 साल के लिए। बिना सब्सिडी के आपकी मासिक EMI करीब 16736 रुपये होगी। लेकिन 1.80 लाख की सब्सिडी मिलने के बाद आपकी बकाया राशि 18.20 लाख रह जाएगी और EMI घटकर करीब 15234 रुपये हो जाएगी।

सस्ते दाम पर घर मिलना

इस योजना में आप 35 लाख रुपये तक के घर खरीद सकते हैं। यह रेट शहरों में काफी किफायती है। साथ ही सब्सिडी मिलने से आपका खर्च और भी कम हो जाता है।

लोन की आसान उपलब्धता

चूंकि यह सरकारी योजना है इसलिए बैंक भी आसानी से लोन देते हैं। आपको ज्यादा दौड़भाग नहीं करनी पड़ती। सभी बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंक इस योजना के तहत लोन देते हैं।

PMAY Urban 2.0 में किस तरह के मकान बनाए जा सकते हैं

इस योजना के तहत बनने वाले मकान में कुछ बेसिक सुविधाएं होनी जरूरी हैं।

पक्के मकान की परिभाषा

PMAY Urban 2.0 के तहत बनने वाला मकान पक्का होना चाहिए। पक्के मकान का मतलब है एक ऐसी आवासीय इकाई जो हर मौसम में रहने लायक हो। कच्चा या अस्थाई मकान इस योजना में नहीं आता।

मकान में जरूरी सुविधाएं

नए बनने वाले घर में कम से कम 2 कमरे होने चाहिए। एक रसोई होनी चाहिए। और एक शौचालय या बाथरूम होना अनिवार्य है। बिना इन सुविधाओं के मकान योजना के तहत मान्य नहीं होगा।

यह इसलिए जरूरी है क्योंकि सरकार चाहती है कि लोगों को सिर्फ छत ही नहीं बल्कि सभी बेसिक सुविधाओं के साथ एक सम्मानजनक जीवन मिले।

कारपेट एरिया की सीमा

मकान का कारपेट एरिया 120 वर्ग मीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए। कारपेट एरिया का मतलब है दीवारों के अंदर का इस्तेमाल होने वाला क्षेत्र। इसमें बालकनी या बाहरी दीवारों का हिस्सा नहीं गिना जाता।

120 वर्ग मीटर यानी करीब 1292 वर्ग फुट। यह एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए काफी अच्छा साइज है जिसमें आराम से रहा जा सकता है।

PMAY Urban 2.0 के लिए आवेदन कैसे करें

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत आसान है।

पहला कदम – बैंक से संपर्क करें

सबसे पहले आपको उस बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से संपर्क करना होगा जहां से आप होम लोन लेना चाहते हैं। ज्यादातर सरकारी बैंक जैसे SBI PNB Bank of Baroda और प्राइवेट बैंक जैसे HDFC ICICI Axis यह सुविधा देते हैं।

बैंक जाकर बताएं कि आपको PMAY Urban 2.0 के तहत होम लोन चाहिए। बैंक का अधिकारी आपको पूरी प्रक्रिया समझा देगा।

दूसरा कदम – जरूरी दस्तावेज जमा करें

आपको कुछ जरूरी कागजात देने होंगे। इसमें आधार कार्ड पैन कार्ड आय प्रमाण पत्र पते का प्रमाण और बैंक स्टेटमेंट शामिल है। अगर आप नौकरी करते हैं तो सैलरी स्लिप चाहिए। अगर बिजनेस करते हैं तो आईटीआर और बिजनेस के कागजात चाहिए।

तीसरा कदम – प्रॉपर्टी की जानकारी दें

जिस घर को खरीदना या बनाना है उसकी पूरी डिटेल बैंक को देनी होगी। प्रॉपर्टी के कागजात अप्रूवल प्लान और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे।

चौथा कदम – लोन की मंजूरी

बैंक आपके सभी कागजात और क्रेडिट हिस्ट्री चेक करेगा। अगर सब कुछ सही रहा तो लोन मंजूर हो जाएगा। मंजूरी के बाद आपको लोन एग्रीमेंट साइन करना होगा।

आखिरी कदम – सब्सिडी का दावा

लोन मिलने के बाद बैंक खुद ही सरकार से सब्सिडी का दावा करता है। आपको अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं है। सब्सिडी मिलने पर वह सीधे आपके लोन खाते में जमा हो जाती है।

PMAY Urban 2.0 में किन लोगों को नहीं मिलेगा फायदा

इस योजना में कुछ अपवर्जन यानी अपात्रता के मानदंड भी हैं। यह जानना जरूरी है कि किन लोगों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।

पहले से घर वालों को नहीं मिलेगा

अगर आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य के नाम पर पहले से कोई पक्का मकान है तो आप इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। यह नियम पूरे भारत के लिए लागू है।

दूसरी बार सब्सिडी नहीं मिलेगी

अगर आपने एक संपत्ति पर पहले ही PMAY का फायदा ले लिया है तो उसी संपत्ति पर दोबारा सब्सिडी नहीं मिलेगी। अगर आपने वह संपत्ति किसी और को बेच दी तो नया खरीदार भी उस पर सब्सिडी नहीं ले सकता।

लोन ट्रांसफर पर सब्सिडी नहीं

अगर आपने एक बैंक से लोन लिया और बाद में दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर दिया तो दूसरे बैंक से सब्सिडी नहीं मिलेगी। अगर पहले बैंक से भी सब्सिडी नहीं ली थी तो भी ट्रांसफर के बाद आप पात्र नहीं रहेंगे।

पिछली योजनाओं का फायदा लेने वालों को नहीं

अगर आपने पिछले 20 सालों में केंद्र सरकार राज्य सरकार या स्थानीय निकाय की किसी भी आवास योजना का फायदा लिया है तो आप PMAY Urban 2.0 के लिए पात्र नहीं हैं।

आय और मकान की कीमत सीमा से ज्यादा होने पर

अगर आपकी पारिवारिक आय 9 लाख रुपये सालाना से ज्यादा है तो आप इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। अगर मकान की कीमत 35 लाख रुपये से ज्यादा है या लोन 25 लाख रुपये से ज्यादा का है तो भी सब्सिडी नहीं मिलेगी।

PMAY Urban 2.0 और पहले की PMAY में क्या अंतर है

नई योजना में कुछ बदलाव किए गए हैं जो पहले वाली योजना से अलग हैं।

ज्यादा लोगों को कवरेज

PMAY Urban 2.0 में 1 करोड़ नए परिवारों को शामिल किया जा रहा है। पहली योजना में जो लोग छूट गए थे उन्हें भी अब मौका मिल रहा है।

बेहतर सब्सिडी स्ट्रक्चर

नई योजना में ब्याज सब्सिडी की गणना 8.5% की कम दर पर की जा रही है। इससे लाभार्थियों को ज्यादा फायदा मिलता है। पहले यह दर 9% थी।

MIG कैटेगरी फिर से शामिल

पहली योजना के दूसरे फेज में MIG कैटेगरी को हटा दिया गया था। लेकिन PMAY Urban 2.0 में फिर से मध्यम आय वर्ग को शामिल किया गया है जिनकी आय 6 से 9 लाख रुपये है।

PMAY Urban 2.0 के तहत ध्यान रखने योग्य बातें

इस योजना का फायदा लेते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सही जानकारी दें

आवेदन करते समय अपनी आय और दूसरी जानकारी बिल्कुल सही दें। अगर आप गलत जानकारी देते हैं और बाद में पकड़ में आ जाता है तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही सब्सिडी वापस लेनी पड़ सकती है।

समय पर EMI भरें

लोन मिलने के बाद समय पर हर महीने EMI भरना बहुत जरूरी है। अगर आप EMI नहीं भरते तो आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है। साथ ही बैंक आपके घर पर कार्रवाई भी कर सकता है।

सभी शर्तें पढ़ें

लोन लेने से पहले बैंक के सभी नियम और शर्तें अच्छे से पढ़ लें। ब्याज दर प्रोसेसिंग फीस और दूसरे चार्ज के बारे में पूरी जानकारी ले लें। कोई भी संदेह हो तो बैंक अधिकारी से पूछें।

धोखाधड़ी से बचें

कई बार फर्जी एजेंट लोगों से कहते हैं कि वे जल्दी सब्सिडी दिला देंगे और इसके लिए पैसे मांगते हैं। ऐसे लोगों से बचें। PMAY की सब्सिडी बिल्कुल फ्री है और बैंक के जरिए ही मिलती है। किसी एजेंट को पैसे देने की जरूरत नहीं है।

PMAY Urban 2.0 का भविष्य और प्रभाव

यह योजना देश में आवास की कमी को दूर करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

रोजगार के अवसर

1 करोड़ नए घर बनने से कंस्ट्रक्शन सेक्टर में लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। मजदूरों से लेकर इंजीनियर आर्किटेक्ट और दूसरे प्रोफेशनल्स को काम मिलेगा।

महिला सशक्तिकरण

घर का मालिकाना हक महिलाओं के नाम पर होने से उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह एक बहुत अच्छा कदम है जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा।

शहरी विकास

योजना के तहत बनने वाले नए आवास क्षेत्रों में बेसिक सुविधाएं होंगी। इससे शहरों का नियोजित विकास होगा और स्लम की समस्या कम होगी।

निष्कर्ष

PMAY Urban 2.0 एक बेहतरीन सरकारी योजना है जो शहरी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपना घर बनाने का सपना पूरा करने में मदद करती है। 1.80 लाख रुपये तक की ब्याज सब्सिडी एक बहुत बड़ा फायदा है जो होम लोन का बोझ काफी कम कर देता है।

अगर आपकी सालाना पारिवारिक आय 9 लाख रुपये तक है और आपके पास अपना घर नहीं है तो यह योजना आपके लिए सुनहरा मौका है। बस यह सुनिश्चित करें कि आप सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं और सही जानकारी के साथ आवेदन करते हैं।

यह योजना 2029 तक चलेगी इसलिए आपके पास अभी भी काफी समय है। लेकिन जितनी जल्दी आप आवेदन करेंगे उतनी जल्दी आप अपने सपनों का घर बना सकेंगे। अपने नजदीकी बैंक से संपर्क करें और PMAY Urban 2.0 के बारे में विस्तार से जानकारी लें।

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